ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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बिहार की राजनीति में एक बार फिर नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के औरंगाबाद से सांसद अभय कुशवाहा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय और आरजेडी दोनों ने इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया है।
सीएम कार्यालय ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि अभय कुशवाहा की मुख्यमंत्री से मुलाकात केवल एक शिष्टाचार भेंट थी। इस मुलाकात को किसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं, आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भी स्पष्ट किया कि सांसद अपने संसदीय क्षेत्र औरंगाबाद के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकालना उचित नहीं होगा।
फिर भी क्यों बढ़ीं अटकलें?
हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे सामान्य मुलाकात मानने को तैयार नहीं हैं। हाल के दिनों में देश के कई राज्यों में विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों के दल बदलने या नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चाएं तेज रही हैं। ऐसे माहौल में RJD सांसद की मुख्यमंत्री से मुलाकात ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पहले भी बदल चुके हैं राजनीतिक दल
अभय कुशवाहा का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा है। वह पहले जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू में रहे, जो एनडीए का हिस्सा है। बाद में उन्होंने जेडीयू छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल का दामन थाम लिया। ऐसे में उनकी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात को लेकर अलग-अलग तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।
RJD के लोकसभा सांसद
वर्तमान में बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के चार लोकसभा सांसद हैं—
1. मीसा भारती – पाटलिपुत्र
2. सुधाकर सिंह – बक्सर
3. अभय कुशवाहा – औरंगाबाद
4. सुरेंद्र प्रसाद यादव – जहानाबाद
अभय कुशवाहा इन चार सांसदों में शामिल हैं और उनका पार्टी में महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
क्या बदलेंगे बिहार के राजनीतिक समीकरण?
फिलहाल न तो मुख्यमंत्री कार्यालय और न ही आरजेडी की ओर से किसी राजनीतिक बदलाव के संकेत दिए गए हैं। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस मुलाकात का कोई बड़ा राजनीतिक असर पड़ेगा। फिर भी बिहार में आगामी चुनावों और बदलते राजनीतिक माहौल को देखते हुए इस मुलाकात पर सभी की नजर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और RJD सांसद अभय कुशवाहा की मुलाकात ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। हालांकि दोनों पक्ष इसे शिष्टाचार भेंट बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में भविष्य के संभावित समीकरणों को लेकर अटकलें लगातार जारी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह मुलाकात केवल औपचारिक थी या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है।
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